सफर अब भी जारी है
After a long time I have wrote a poem, " सफर अब भी जारी है"
Its a motivational poem . Go ahead to feel a good vibe and some motivation.
कुछ यूं सफर अभी जारी है।
खुद को पाने की खोज में , मैं माया से टकराता हूँ।
ये शोर अब भाता नहीं , मैं खुद को सुन नही पाता हूँ।
झूठे बंधन सब तोड़े हैं, छोड़नी सब लाचारी है।
अब तो मैं ही मैं हूँ , कुछ यूं सफर जारी है।
वो सूरज मुझे बुला रहा, जैसे उम्मीदों के गीत सुना रहा।
आस की लौह रौशन रखना , ये घोर अंधेरा छा रहा।
मन में हौसला लिए आगे बढ़ता हूँ, दिल बोलें ये बारी अब तुम्हारी है।
अकेले चलना सीख लो, ये सफर अब भी जारी है।
आँखों में उल्लास रखना, अपनों को दिल के पास रखना।
धीमें जब पड़ जाओगे, कोई नई तरकीब खास रखना।
जीत का डंका बाजेगा , हार तुम्हें न प्यारी है।
उठो और लड़ो , क्योंकि ये सफर अब भी जारी है।
Thank you
A good piece of work...keep it up.
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